रिपोर्ट इंडिया 19 | Report India 19 News
  • September 18, 2026
  • Last Update September 17, 2026 11:24 am
  • Dhanbad

निर्विरोध चुनाव और NOTA की अनदेखी पर सवाल, ग्रामीण एकता मंच ने चुनाव आयोग से मांगे व्यापक सुधार

निर्विरोध चुनाव और NOTA की अनदेखी पर सवाल, ग्रामीण एकता मंच ने चुनाव आयोग से मांगे व्यापक सुधार

दिनांक 03/05/2026 जनपद पुटकी, स्थान धनबाद, झारखण्ड

निर्विरोध चुनाव और NOTA की अनदेखी पर सवाल, ग्रामीण एकता मंच ने चुनाव आयोग से मांगे व्यापक सुधार

धनबाद: 2 मई ग्रामीण एकता मंच के केंद्रीय अध्यक्ष रंजीत सिंह उर्फ बबलू सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर चुनाव प्रणाली में तत्काल और कठोर सुधार की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव कराना चुनाव आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन हाल के वर्षों में चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर, दबाव और पैसों के प्रभाव से लोकतंत्र की आत्मा को ठेस पहुंची है और जनता का विश्वास कमजोर हो रहा है।

पत्र में विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई गई है कि कई लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारों को निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया जाता है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव में NOTA भी एक प्रकार से उम्मीदवार की तरह विकल्प के रूप में मौजूद रहता है, इसलिए किसी भी स्थिति में बिना मतदान कराए किसी प्रत्याशी को विजयी घोषित करना न्यायसंगत नहीं है।

श्री सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में गुजरात के सूरत सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल को निर्विरोध सांसद घोषित कर दिया गया, जबकि NOTA विकल्प मौजूद था। यदि मतदान कराया जाता, तो संभव था कि जनता NOTA को अधिक मत देती और परिणाम अलग होता। लेकिन चुनाव आयोग द्वारा मतदान का अवसर ही नहीं दिया गया, जिससे जनता का लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हुआ और इस निर्णय की देशभर में आलोचना भी हुई।

श्री सिंह ने यह भी कहा कि यदि किसी निर्वाचन क्षेत्र में केवल एक उम्मीदवार बचता है, तब भी NOTA को दूसरे विकल्प के रूप में मानते हुए मतदान अनिवार्य कराया जाना चाहिए, ताकि जनता की वास्तविक राय सामने आ सके और प्रक्रिया निष्पक्ष व पारदर्शी बनी रहे।

पत्र में चुनाव आयोग से अनुरोध किया गया है कि ऐसी विसंगतियों को दूर करने के लिए आवश्यक नीतिगत बदलाव किए जाएं और भविष्य में किसी भी परिस्थिति में NOTA की अनदेखी न हो। साथ ही इस विषय पर की जाने वाली कार्रवाई से संगठन को अवगत कराने की भी मांग की गई है।

पुटकी से report इंडिया 19 के सावंदाता तबरेज़ की रिपोर्ट।

editor

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *